विज्ञान विषय में मिश्रित शिक्षण पद्धति से विद्यार्थियों की संज्ञानात्मक क्षमताओं (विश्लेषण, व्याख्या, अनुप्रयोग) का विकास” मुकेश कुमार वर्तमान युग विज्ञान और तकनीकी प्रगति का युग है, जहाँ शिक्षा प्रणाली निरंतर परिवर्तनशील है। शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान
DOI:
https://doi.org/10.8224/journaloi.v75i3.1123Abstract
वर्तमान युग विज्ञान और तकनीकी प्रगति का युग है, जहाँ शिक्षा प्रणाली निरंतर परिवर्तनशील है। शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञानार्जन तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों में सोचने, समझने और प्रयोग करने की क्षमता विकसित करना है। पारंपरिक शिक्षण पद्धतियाँ जहाँ ज्ञान के प्रसार पर केंद्रित रही हैं, वहीं आधुनिक शिक्षा प्रणाली शिक्षार्थी-केंद्रित और तकनीक-सम्मिलित शिक्षण की ओर अग्रसर है। इसी दिशा में मिश्रित शिक्षण पद्धति एक प्रभावी शैक्षणिक दृष्टिकोण के रूप में उभरकर सामने आई है, जो पारंपरिक शिक्षण और ऑनलाइन शिक्षण — दोनों के समन्वय से निर्मित है।
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2000
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मुकेश कुमार. (2026). विज्ञान विषय में मिश्रित शिक्षण पद्धति से विद्यार्थियों की संज्ञानात्मक क्षमताओं (विश्लेषण, व्याख्या, अनुप्रयोग) का विकास” मुकेश कुमार वर्तमान युग विज्ञान और तकनीकी प्रगति का युग है, जहाँ शिक्षा प्रणाली निरंतर परिवर्तनशील है। शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान. Journal of the Oriental Institute, ISSN:0030-5324 UGC CARE Group 1, 75(3), 54–64. https://doi.org/10.8224/journaloi.v75i3.1123
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