सोशल मीडिया का बालकों एवं बालिकाओं के मानसिक स्तर (तनाव, ध्यान एवं आत्मविश्वास) पर प्रभाव: गाजियाबाद शहर के संदर्भ में
DOI:
https://doi.org/10.8224/journaloi.v75i3.1121Keywords:
सोशल मीडिया, मानलसक स्तर, ध्यान क्षमता, तनाव, आत्मववश्वास, ककशोर ववद्यार्थीAbstract
प्रस्तुत शोध अध्ययन का उद्देश्य गाजियाबाद शहर के सरकारी एवं अशासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत बालक और बालिकाओं के मानसिक स्तर पर सोशल मीडिया के प्रभावों का विश्लेषण करना है। वर्तमान समय में सोशल मीडिया किशोर विद्यार्थियों के जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण घटक बन चुका है, जिसके उपयोग की तीव्रता निरंतर बढ़ रही है। यह आयु-वर्ग व्यक्तित्व निर्माण, भावनात्मक संतुलन, ध्यान क्षमता और आत्मविश्वास के विकास का संवेदनशील चरण है. इसलिए सोशल मीडिया का प्रभाव इस अवस्था में विशेष रूप से दृष्टिगोचर होता है। इस अध्ययन में स्तरीकृत यादृच्छिक नमूना विधि द्वारा चार विद्यालयों-राजकीय इंटर कॉलेज राजनगर, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज कविनगर, DAV पब्लिक स्कूल शास्त्रीनगर और DPS आरडीसी गाजियाबाद-से कुल 120 विद्यार्थियों का चयन किया गया। अध्ययन हेतु निकर्ट स्केल आधारित प्रश्नावली का प्रयोग किया गया, जिसमें सोशल मीडिया उपयोग की प्रकृति एवं मानसिक प्रभार्वा (तनाव, ध्यान, आत्मविश्वास) से संबंधित कथन शामिल थे। संग्रहीत आंकड़ों का विश्लेषण प्रतिशत, औसत, मानक विचलन तथा परीक्षण के माध्यम से किया गया। शोध परिणामों से पता चला कि अधिकांश विद्यार्थी प्रतिदिन 2 से 3 घंटे से अधिक सोशल मीडिया का उपयोग करते हैं। अत्यधिक उपयोग वाले विद्यार्थियों में ध्यान क्षमता में कमी. तनाव के स्तर में वृद्धि तथा भावनात्मक अस्थिरता देखी गई। वहीं सीमित एवं नियंत्रित उपयोग करने वाले विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य एवं आत्मविश्वास तुलनात्मक रूप से संतुलित पाया गया। अध्ययन से यह भी स्पष्ट हुआ कि बालिकाओं में आत्मविश्वास का स्तर औसतन अधिक तथा बालकों में ध्यान विचलन और तनाव की प्रवृत्ति अधिक है। अतः निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि सोशल मीडिया का प्रभाव विद्यार्थियों द्वारा किए जाने वाले उपयोग की मात्रा, उद्देश्य और नियंत्रण पर निर्भर करता है। संतुलित और जागरुक उपयोग विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में सहायक हो सकता है, जबकि अनियंत्रित और अत्यधिक उपयोग मानसिक स्तर पर नकारात्मक प्रभाव उत्पन्न कर सकता है।



