हरियाणा में शॉपिंग मॉल केआर्थिक प्रभाव का अध्ययन
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https://doi.org/10.8224/journaloi.v73i4.992सार
भारत केआर्थिक उदारीकरण के बाद देश के व्यापारिक परिदर्श्य में तेजीसे परिवर्तन हुए है. भारत में फुटकर व्यापारके आधुनिक स्वरूप का प्रारंभ घरेलु और खाद्य उत्पाद क्षेत्र में नीलगिरी औरपेंटालून आदि कंपनियो द्वारा भारतके विभिन्न शहरोंमे श्रखलाबद्ध दुकाने, विभागीय हाईपर मार्केट खोलने से हुआ है इनका लक्ष्य भारत के मध्यवर्गीय उपभोकताओ को अपने साथजोड़नाहै इन कंपनियो के प्रवेशका परंपरागत स्थानीय फुटकर व्यापारियों का विरोध करने के लिए धरना एवं प्रदर्शन भी किये गये| शापिंगमॉल का प्रमुख लक्ष्य उच्च एवं मध्यवर्गिय उपभोक्ता वर्ग से होता है जिसे आकर्षित करने के लिए शॉपिंगमाल्स द्वारा आक्रमिक नीतिका सहारा लिया जाता है शोपिंग मॉल द्वारा कम्पनिया विशाल पूंजी के साथ फुटकर व्यापार के क्षेत्र में प्रवेश करती है
अत्यधिकक्रय क्षमता होने के कारण इन कंपनियो का सीधा उत्पाद निर्माताओ से रहता है तथा बाज़ार एवं उपभोकताओ के आधार पार उच्च विक्रय लक्षित करती है वर्तमान में शॉपिंग माल्स अपनी भव्यता ए आक्रामकए एवं सुनियोजित विपणननीति तथा मनोरंजन का केंद्र होने के कारण सहज ही उच्च एवं मध्य वर्ग के उपभोकताओ कोअपनी और आकर्षित करने में सफल हुई है
अब प्रशन यह उत्पन्न होता है कि क्याभारत के असंगठित व्यापार क्षेत्र परंपरागत व्यापारी अपने सीमित सफलतापूर्वक कर पाने में सफल हो पायेगेघ् क्या शॉपिंग माल्स का प्रार्दुर्भाव एवं विकास फुटकर व्यापार क्षेत्र में व्यापक रूप से बेरोजगारी उत्पनन करने का कारण नहीं बनेगा घ्यह शोध इसी परिपेक्ष्य के रूप में किया जाता है |



