महाभारत में वर्णित धर्मराज युधिष्ठिर की मनोदशा का विश्लेषणात्मक अध्ययन
DOI:
https://doi.org/10.8224/journaloi.v73i3.729Abstract
महाभारत भारतीय संस्कृति का एक अनुपम ग्रंथ है, जो केवल युद्ध की कथा नहीं, अपितु मानव जीवन के विविध आयामों का दार्शनिक, नैतिक और मनोवैज्ञानिक चित्रण प्रस्तुत करता है। इस महाकाव्य में युधिष्ठिर एक ऐसे पात्र के रूप में उभरते हैं, जिनका जीवन धर्म, नीति, और आस्था की परीक्षा बनकर सामने आता है। वे न केवल धर्मराज के रूप में जाने जाते हैं, अपितु एक ऐसे मानव के रूप में भी, जो सदैव सत्य, न्याय और धर्म के संघर्षों से जूझता रहा। उनका जीवन किसी भी समय के समाज, नेतृत्व और नीति-निर्माण के लिए एक गहन अध्ययन का विषय है।
Downloads
Published
2000
How to Cite
मनजीत डाॅ हरिओम. (2025). महाभारत में वर्णित धर्मराज युधिष्ठिर की मनोदशा का विश्लेषणात्मक अध्ययन. Journal of the Oriental Institute, ISSN:0030-5324 UGC CARE Group 1, 73(3), 1742–1751. https://doi.org/10.8224/journaloi.v73i3.729
Issue
Section
Articles