प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और महिलाओं का सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन: एक अध्ययन
##semicolon##
https://doi.org/10.8224/journaloi.v75i2.1104सार
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना को भारत में ऊर्जा‑दारिद्र्य को कम करने और पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता घटाने की एक महत्त्वपूर्ण नीति पहल के रूप में देखा जाता है। यह शोध‑पत्र चयनित क्षेत्र के ग्रामीण एवं शहरी परिवारों के सर्वेक्षण‑आधारित आँकड़ों के माध्यम से जाँच करता है कि उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन ने महिलाओं के स्वास्थ्य, समय‑उपयोग, श्रम‑भागीदारी और घरेलू निर्णय‑निर्धारण पर क्या प्रभाव डाला है। अर्थशास्त्र के विश्लेषणात्मक औज़ारों का प्रयोग करते हुए एलपीजी अपनाने और उसके नियमित उपयोग के निर्धारकों तथा महिलाओं के सामाजिक‑आर्थिक सशक्तिकरण के बीच सम्बन्ध का आकलन किया गया है। निष्कर्ष संकेत करते हैं कि जहाँ स्वच्छ ईंधन तक पहुँचना स्वास्थ्य जोखिम और ईंधन संग्रह में लगने वाले समय को घटाता है, वहीं पुनः‑भराव की लागत, आपूर्ति‑सम्बन्धी बाधाएँ और सामाजिक मान्यताएँ योजना के समग्र प्रभाव को सीमित करती हैं। परिणामतः सतत् साफ‑ईंधन उपयोग को प्रोत्साहित करने वाली लिंग‑संवेदी नीतिगत हस्तक्षेपों की आवश्यकता उभरकर सामने आती है।



