21वीं शताब्दी की राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 उद्देश्य और वर्तमान सम्भावनाएं

Authors

  • 1. श्वेता गौतम 2. डाॅ॰ सारिका ताखर 3. डाॅ॰ प्रवीण रस्तोगी

DOI:

https://doi.org/10.8224/journaloi.v74i1.728

Keywords:

नई शिक्षा नीति, शिक्षा, भारत, उद्देश्य, माध्यम, प्रयास

Abstract

वर्ष 2020 में नई शिक्षा नीति लागू की गई जो कि 21वीं सदी की पहली शिक्षा नीति है। इस नीति के माध्यम से भारत के सम्मुख उपस्थित विकास के मुद्दों को संबोधित करने का प्रयास किया है। इस नीति के माध्यम से जिन मद्दों विशेष ध्यान दिया गया है, उनकी महत्वता को उसकी सम्भावनाओं को सिद्ध करने का सफल प्रयास है। यह नीति शिक्षा के प्रत्येक घटक-कक्षा शिक्षण, पाठ्यचर्चा, गवर्नेंस आदि को 21वीं सदी की सभी आवश्यकताओं को अनुरूप बदलना चाहती है। इस शिक्षा नीति का घ्येय भारतीय परंपरा और मूल्यों के अनुरूप 21वीं सदी के भारत को विकसित करना है। आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की पूर्ति के लिए भावी पीढ़ी को तैयार करना है। जो कि प्राथमिक स्तर और माध्यमिक स्तर के साथ-साथ उच्च शिक्षा, मातृभाषा, सूचना प्रौद्योगिकी तथा विश्वविद्यालय स्तर पर इस नीति के माध्यम से आत्मनिर्भरता केवल आर्थिक संदर्भ में ही नहीं परिकल्पित की गई है, बल्कि इसे ज्ञान-आधारित समतामूलक समाज के रूप में भी परिकल्पित किया गया है। इसके उद्देश्य विश्व स्तर पर भारत की विशिष्ट पहचान को निर्मित करना है। यह नीति भारत के प्रत्येक आम जन की आकांशा को व्यक्त करते हुए सभी उद्देश्यों को पूरा करेंगे। चुनौतियां समाधान व सम्भावनाओं के साथ इसकी आधार शिक्षा मजबूत होगी।

Published

2000

How to Cite

1. श्वेता गौतम 2. डाॅ॰ सारिका ताखर 3. डाॅ॰ प्रवीण रस्तोगी. (2025). 21वीं शताब्दी की राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 उद्देश्य और वर्तमान सम्भावनाएं. Journal of the Oriental Institute, ISSN:0030-5324 UGC CARE Group 1, 74(1), 576–585. https://doi.org/10.8224/journaloi.v74i1.728

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